सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजर में 400 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के आखिरी घंटे में सेंसेक्स की गिरावट 470 अंकों तक पहुंच गई. करीब 3.20 बजे सेंसेक्स 36,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 140 अंकों तक टूट कर 10,930 के स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक लुढ़क कर 36,760 के स्तर पर आ गया. वहीं निफ्टी 50 अंक टूटकर 11,000 के नीचे आ गया.
बता दें कि सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 4.14 अंक यानी 0.01 फीसदी की गिरावट के साथ 36,971.09 अंक पर बंद हुआ था. जबकि निफ्टी 6.95 फीसदी यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 11,069.40 अंक पर बंद हुआ था.
क्या है गिरावट की वजह
अमेरिका-चीन के बीच आयात शुल्क को लेकर तनातनी की स्थिति के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों और टाटा मोटर के शेयरों के 22 प्रतिशत तक लुढ़क जाने के कारण सेंसेक्स में इतनी बड़ी गिरावट आई है. शुक्रवार को टाटा मोटर के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा गिरावट वाले शेयर - सन फार्मा, वेदांता, एलएंडटी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, टाटा स्टील, इन्फोसिस, एचडीएफसी और टाटा स्टील रहे. इन शेयरों में 1.58 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. वहीं पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, कोल इंडिया और आरआईएल के शेयर 1.38 फीसदी तक चढ़ गए.
टाटा मोटर्स को 26,960 का शुद्ध घाटा
बता दें कि कंपनी के बृहस्पतिवार को जारी तिमाही परिणाम में अब तक का सबसे अधिक घाटा हुआ है. टाटा मोटर्स को अक्टूबर-दिसंबर, 2018 की तिमाही में 26,960.8 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ.
रुपया में 13 पैसे की मजबूती
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रेपो दर में कमी और नीतिगत रुख को बदलकर ‘तटस्थ’ किये जाने के बाद शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 13 फीसदी मजबूत हुआ. शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले यह 71.32 के स्तर पर पहुंच गया. बता दें कि गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसा चढ़कर 71.45 पर बंद हुआ था.
गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को करारी शिकस्त दी थी. इनमें से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी पिछले 15 साल से शासन में थी, जबकि राजस्थान में भी बीजेपी की सरकार थी.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने राफेल डील का मुद्दा उठाया और कहा कि पीएम राफेल घोटाले में सीधे तौर पर शामिल हैं. राहुल गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्रालय की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए राफेल सौदे को आगे बढ़ाया और अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाया.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के 30 हजार करोड़ रुपये चोरी किए और अनिल अंबानी की जेब में डाले. उन्होंने आगे कहा कि ये साबित हो गया कि चौकीदार चोर है. डील पर प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने झूठ बोला था. राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार ने झूठ बोला. ये रक्षा मंत्रालय और कॉरपोरेट के बीच की लड़ाई है.
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