पॉपुलर टीवी एक्ट्रेस टीना दत्ता इन दिनों चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने रिलेशनशिप को लेकर खुलासा किया है. उतरन फेम ने बाताया कि वो 5 सालों तक अब्यूसिव रिलेशनशिप में रहीं. उनका बॉयफ्रेंड उन्हें पीटता था. बता दें कि एक्ट्रेस इस वक्त टीवी शो डायन में नजर आ रही हैं.
बॉम्बे टाइम्स से एक बातचीत में टीना ने बताया, "मैं 5 साल तक एक अब्यूसिव रिलेशनशिप में रही. 2015 में मैंने इस रिलेशनशिप को खत्म किया." लंबे समय तक उत्पीडन पर चुप्पी को लेकर कहा, "इतने समय तक मैं इसलिए खामोश रही क्योंकि मैं किसी भी तरह रिश्ते को बना कर रखना चाहती थी. लेकिन जब मुझे लगा कि अब मैं ये रिश्ता आगे नहीं निभा पाउंगी तो मैंने इसे खत्म कर लिया.''
'"मैं बॉयफ्रेंड से एक कॉमन फ्रेंड जरिए मिली थीं. वो मुझे मारता था. वो मुझे अब्यूज करता था. उसने मुझे इतना परेशान किया कि मैंने मेरा कॉन्फिडेंस भी खो दिया. इतना ही नहीं उसने मुझे मेरे दोस्तों के सामने भी पीटा. मैं कभी भी अपने रिश्ते को पब्लिक नहीं करना चाहती थी. लेकिन मुझे लगा कि अब ये ही सही समय है बोलने का.''
एक्ट्रेस ने कहा, "अब मैं दोबारा किसी अफेयर में नहीं पड़ना चाहती. अब मैं सेटल डाउन होना चाहती हूं. मेरी हमेशा से ही लव मैरिज करने की इच्छा थी, लेकिन अब सब भगवान के ऊपर छोड़ दिया है. मैं इडस्ट्री के किसी बी इंसान से शादी नहीं करना चाहती हूं, खासतौर पर एक्टर से तो बिल्कुल नहीं. मैं एक्टर्स की असफल शादियां देख चुकी हूं."
बता दें कि टीना ने महज 5 साल की उम्र में ही एक्टिंग करियर की शुरुआत कर दी थी. सिस्टर निवेदिता सीरियल से उन्होंने अपने करियर का आगाज किया था. उतरन सीरियल से उन्हें घर-घर में पहचान मिली. अब वो सीरियल डायन में नजर आ रही हैं.
जुलाई 2017 को आधी रात से पूरे देश में चार दर (5,12,18,28 फीसदी) वाला जीएसटी लागू किया गया. लेकिन इसे लागू करने के बाद से लेकर अभी तक जीएसटी में दर्जनों बदलाव किए गए. कई बदलावों में अगर कारोबारी को रियायत देने की कवायद हुई तो कुछ बदलावों से आम आदमी पर बोझ को कम करने की कोशिश की गई. लेकिन इन कवायदों से क्या कारोबारी और आम आदमी को फायदा पहुंचा? इस सवाल पर सस्पेंस बरकरार है.
अंशुमान तिवारी का कहना है कि “जीएसटी में रियायतों के बाद उत्पादों या सेवाओं की कीमतें कम हुई भी हैं क्योंकि कंपनियां लागत बढऩे के कारण मूल्य बढ़ा रही हैं. जीएसटी के तहत मुनाफाखोरी रोकने वाला तंत्र अभी शुरू नहीं हुआ जिससे पता चले कि रियायतों का फायदा किसे मिला है.”
तिवारी ने कहा कि “जीएसटी में अभी औसतन 60 फीसदी कारोबारी रिटर्न भर रहे हैं. ई वे बिल लागू होने के बाद पारदर्शिता आने की उम्मीदें भी खेत रही हैं. चुनाव के मद्देजनर टैक्स चोरी पर सख्ती मुश्किल है. लिहाजा जीएसटी की प्रणालियां व नियम अभी तक स्थिर नहीं हैं. इसमें लगातार बदलाव हो रहे हैं.
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