अमेरिका में डेमोक्रेटिक नेताओं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच का मतभेद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए डेमोक्रेटिक नेताओं द्वारा फंड न दिए जाने के बाद वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए जाने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को भी राष्ट्रपति ट्रंप के गुस्से का शिकार होना पड़ा है. ट्रंप ने इस दौरे को रद्द कर दिया है.
यही नहीं, ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की तीन देशों की यात्रा भी आंशिक कामबंदी की वजह से स्थगित कर दी है. इसी सप्ताह पेलोसी ने ट्रंप को सुझाव दिया था कि वह कानून विदों के साथ होने वाले अपने वार्षिक संबोधन को स्थगित करें. हालांकि, अब ट्रंप ने उन्हें पत्र लिखकर कहा कि आप अपनी तीन देशों की यात्रा स्थगित करें. पेलोसी ब्रसेल्स, मिस्र और अफगानिस्तान की यात्रा पर जाने वाली थीं.
व्हाइट हाउस के मुताबिक, 'अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार का कामकाज ठप होने का हवाला देते हुए प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी की अफगानिस्तान और ब्रसेल्स की यात्रा स्थगित कर दी. इस यात्रा में पेलोसी को सैन्य अधिकारियों और सैनिकों से मुलाकात करनी थी. राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का कामकाज आंशिक रूप से ठप होने के गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत के वास्ते पेलोसी की जरूरत यहां है.'
ट्रंप ने पेलोसी को लिखे एक पत्र में कहा, ‘आपको सूचित करते हुए खेद हो रहा है कि सरकार का कामकाज बंद होने के कारण आपकी ब्रसेल्स, मिस्र और अफगानिस्तान की यात्रा टाल दी गई है. जब बंद खत्म हो जाएगा तब हम इस 7 दिवसीय यात्रा का कार्यक्रम फिर से तैयार करेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि इस ‘जन संपर्क कार्यक्रम’ को टालना पूरी तरह उचित है. ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका के 8,00,000 कर्मचारियों को वेतन ना मिलने के मद्देनजर मुझे भरोसा है कि आप इससे सहमत होंगी.’
हालांकि, पेलोसी के प्रवक्ता ड्रयू हैमिल ने कहा इसे सीमा पर दीवार खड़ी करने को लेकर उपजे विवाद का नतीजा बताया है. उन्होंने कहा कि यात्रा का मकसद अमेरिकी सैनिकों की सराहना करना और उनसे ‘महत्वपूर्ण’ जानकारी हासिल करना था. अमेरिका, मेक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण को लेकर ट्रंप प्रशासन और संसद के बीच गतिरोध बना हुआ है. दरअसल, डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद में मेक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए 5.7 अरब डॉलर की राशि की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है. यही कारण है कि ट्रंप डेमोक्रेट्स के खिलाफ नाराज हैं.
ट्रंप ने कहा, ‘मुझे भी यह लगता है कि इस अवधि के दौरान यह बेहतर होगा कि आप मेरे साथ बातचीत के लिए वॉशिंगटन में रहें और बंद को खत्म करने के लिए मजबूत सीमा सुरक्षा अभियान में शामिल हो. जाहिर है कि अगर आप अपनी यात्रा जारी रखना चाहेंगी तो निश्चित तौर पर यह आपका विशेषाधिकार होगा.’
व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका में सरकारी विभागों में आंशिक कामबंदी की वजह से ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के लिए जाने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा रद्द कर दी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, ‘यह सुनिश्चित करने के लिए कि ट्रंप की टीम आवश्यकता पड़ने पर उनकी सहायता कर सके और 8,00,000 अमेरिकियों को वेतन नहीं मिल पाने की बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच में जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल का दौरा रद्द कर दिया है.’
अमेरिका में पिछले 27 दिनों से किसी प्रकार का सरकारी कामकाज नहीं हो पा रहा है, यहां आंशिक कामबंदी के कारण सबकुछ ठप पड़ गया है. ट्रंप ने डेमोक्रेटिक नेताओं द्वारा मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए फंड को मंजूरी नहीं देने का हवाला दिया और कहा कि इसिलिए उन्होंने अपनी WEF यात्रा भी रद्द कर दी थी.
Friday, January 18, 2019
Thursday, January 10, 2019
क्या जल्द ही सगाई कर लेंगे आलिया भट्ट-रणबीर कपूर? सामने आ रही ये वजह
रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की रिलेशनशिप की खबरें इन दिनों चर्चा में हैं. दोनों जल्द ही निर्देशक अयान मुखर्जी की फिल्म ब्रह्मास्त्र में नजर आने वाले हैं. दोनों को अक्सर साथ में देखा जाता है. आलिया-रणबीर ने एक दूसरे के पारिवारिक इवेंट्स में हिस्सा लेना भी शुरू कर दिया है. जहां रणबीर कई बार आलिया के घर दिख चुके हैं, वहीं आलिया भी रणबीर के परिवार के काफी नजदीक देखी जा चुकी हैं.
अब ऐसी खबरें हैं कि दोनों जल्द ही सगाई करने वाले हैं. बॉलीवुड लाइफ की एक खबर के मुताबिक, रणबीर की मां नीतू चाहती हैं कि जल्द ही दोनों सगाई कर लें. इसके लिए उन्होंने जून का महीना चुना है. वहीं रणबीर-आलिया अपने रिश्ते को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहते हैं. वो ब्रह्मास्त्र की रिलीज के बाद ही अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते हैं.
बता दें कि रणबीर की बहन रिद्धिमा कपूर ने आलिया और रणबीर को न्यू ईयर गिफ्ट भी दिया. उन्होंने गिफ्ट में गोल्ड प्लेट वाली रिंग दिया जिसके ऊपर AR लिखा हुआ है. रिद्धिमा ने न्यूईयर सेलिब्रेशन की कई फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थीं.
वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया और रणबीर कपूर दोनों ब्रह्मास्त्र फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं. फिल्म में दोनों पहली बार साथ में नजर आएंगे. फिल्म का निर्देशन अयान मुखर्जी कर रहे हैं. इसमें अमिताभ बच्चन और मौनी रॉय भी अहम रोल में हैं. फिल्म ब्रह्मास्त्र तीन भागों में बनने वाली है.
आलिया भट्ट अगले महीने सिम्बा स्टार रणवीर सिंह के साथ गली बॉय में नजर आने वाली हैं. उनकी इस फिल्म का निर्देशन जोया अख्तर ने किया है.
नाराज ट्रम्प ने ट्वीट किया, 'मैं चक और नैंसी के साथ बैठक बीच में छोड़कर आ गया. समय की पूरी बर्बादी थी. मैंने पूछा कि यदि हम कामकाज फिर से शुरू कर दें तो 30 दिन में क्या आप दीवार या स्टील अवरोधक समेत सीमा सुरक्षा को मंजूरी देंगे? नैंसी ने कहा, नहीं. मैंने अलविदा कह दिया. और कुछ नहीं किया जा सकता था.'
ट्रम्प के बैठक के बीच से ही चले जाने से अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता का नया दौर शुरू हो गया है. ट्रम्प के बर्हिगमन के बाद नैंसी और शुमर ने संवाददाताओं से कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता किसी भी हाल में सीमा दीवार के लिए धन आवंटित करने के इच्छुक नहीं हैं.
उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मामले में अपना रुख नहीं बदलेगी. पेलोसी ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि बैठक कक्ष में माहौल अच्छा नहीं था. शुमर ने कहा कि ट्रम्प की बात नहीं मानी गई और वह बैठक से चले गए.
इससे पहले ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय आपातकाल लगाना अंतिम विकल्प है लेकिन यदि विपक्षी दल के नेता सीमा दीवार के लिए धन आवंटित नहीं करते हैं, तो वह आपातकाल लागू कर सकते हैं.
इस बीच, ट्रम्प ने देश में 'वास्तविक आव्रजन सुधार' की आवश्यकता की बात की और तर्क दिया कि विश्वभर से प्रतिभाशाली लोगों को तलाश कर रहीं अमेरिकी कंपनियों की प्रगति के लिए यह अहम है. उन्होंने हालात मे सुधार के लिए एक 'बड़े आव्रजन विधेयक' को लाने की भी बात की. अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, 'हम देश में वास्तविक आव्रजन सुधार देखना चाहते हैं क्योंकि हमें इसकी आवश्यकता है और यह अच्छी चीज होगी.'
अब ऐसी खबरें हैं कि दोनों जल्द ही सगाई करने वाले हैं. बॉलीवुड लाइफ की एक खबर के मुताबिक, रणबीर की मां नीतू चाहती हैं कि जल्द ही दोनों सगाई कर लें. इसके लिए उन्होंने जून का महीना चुना है. वहीं रणबीर-आलिया अपने रिश्ते को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहते हैं. वो ब्रह्मास्त्र की रिलीज के बाद ही अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते हैं.
बता दें कि रणबीर की बहन रिद्धिमा कपूर ने आलिया और रणबीर को न्यू ईयर गिफ्ट भी दिया. उन्होंने गिफ्ट में गोल्ड प्लेट वाली रिंग दिया जिसके ऊपर AR लिखा हुआ है. रिद्धिमा ने न्यूईयर सेलिब्रेशन की कई फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थीं.
वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया और रणबीर कपूर दोनों ब्रह्मास्त्र फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं. फिल्म में दोनों पहली बार साथ में नजर आएंगे. फिल्म का निर्देशन अयान मुखर्जी कर रहे हैं. इसमें अमिताभ बच्चन और मौनी रॉय भी अहम रोल में हैं. फिल्म ब्रह्मास्त्र तीन भागों में बनने वाली है.
आलिया भट्ट अगले महीने सिम्बा स्टार रणवीर सिंह के साथ गली बॉय में नजर आने वाली हैं. उनकी इस फिल्म का निर्देशन जोया अख्तर ने किया है.
नाराज ट्रम्प ने ट्वीट किया, 'मैं चक और नैंसी के साथ बैठक बीच में छोड़कर आ गया. समय की पूरी बर्बादी थी. मैंने पूछा कि यदि हम कामकाज फिर से शुरू कर दें तो 30 दिन में क्या आप दीवार या स्टील अवरोधक समेत सीमा सुरक्षा को मंजूरी देंगे? नैंसी ने कहा, नहीं. मैंने अलविदा कह दिया. और कुछ नहीं किया जा सकता था.'
ट्रम्प के बैठक के बीच से ही चले जाने से अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता का नया दौर शुरू हो गया है. ट्रम्प के बर्हिगमन के बाद नैंसी और शुमर ने संवाददाताओं से कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता किसी भी हाल में सीमा दीवार के लिए धन आवंटित करने के इच्छुक नहीं हैं.
उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मामले में अपना रुख नहीं बदलेगी. पेलोसी ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि बैठक कक्ष में माहौल अच्छा नहीं था. शुमर ने कहा कि ट्रम्प की बात नहीं मानी गई और वह बैठक से चले गए.
इससे पहले ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय आपातकाल लगाना अंतिम विकल्प है लेकिन यदि विपक्षी दल के नेता सीमा दीवार के लिए धन आवंटित नहीं करते हैं, तो वह आपातकाल लागू कर सकते हैं.
इस बीच, ट्रम्प ने देश में 'वास्तविक आव्रजन सुधार' की आवश्यकता की बात की और तर्क दिया कि विश्वभर से प्रतिभाशाली लोगों को तलाश कर रहीं अमेरिकी कंपनियों की प्रगति के लिए यह अहम है. उन्होंने हालात मे सुधार के लिए एक 'बड़े आव्रजन विधेयक' को लाने की भी बात की. अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, 'हम देश में वास्तविक आव्रजन सुधार देखना चाहते हैं क्योंकि हमें इसकी आवश्यकता है और यह अच्छी चीज होगी.'
Thursday, January 3, 2019
उतरन फेम टीना दत्ता को सरेआम पीटता था बॉयफ्रेंड, सुनाई आपबीती
पॉपुलर टीवी एक्ट्रेस टीना दत्ता इन दिनों चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने रिलेशनशिप को लेकर खुलासा किया है. उतरन फेम ने बाताया कि वो 5 सालों तक अब्यूसिव रिलेशनशिप में रहीं. उनका बॉयफ्रेंड उन्हें पीटता था. बता दें कि एक्ट्रेस इस वक्त टीवी शो डायन में नजर आ रही हैं.
बॉम्बे टाइम्स से एक बातचीत में टीना ने बताया, "मैं 5 साल तक एक अब्यूसिव रिलेशनशिप में रही. 2015 में मैंने इस रिलेशनशिप को खत्म किया." लंबे समय तक उत्पीडन पर चुप्पी को लेकर कहा, "इतने समय तक मैं इसलिए खामोश रही क्योंकि मैं किसी भी तरह रिश्ते को बना कर रखना चाहती थी. लेकिन जब मुझे लगा कि अब मैं ये रिश्ता आगे नहीं निभा पाउंगी तो मैंने इसे खत्म कर लिया.''
'"मैं बॉयफ्रेंड से एक कॉमन फ्रेंड जरिए मिली थीं. वो मुझे मारता था. वो मुझे अब्यूज करता था. उसने मुझे इतना परेशान किया कि मैंने मेरा कॉन्फिडेंस भी खो दिया. इतना ही नहीं उसने मुझे मेरे दोस्तों के सामने भी पीटा. मैं कभी भी अपने रिश्ते को पब्लिक नहीं करना चाहती थी. लेकिन मुझे लगा कि अब ये ही सही समय है बोलने का.''
एक्ट्रेस ने कहा, "अब मैं दोबारा किसी अफेयर में नहीं पड़ना चाहती. अब मैं सेटल डाउन होना चाहती हूं. मेरी हमेशा से ही लव मैरिज करने की इच्छा थी, लेकिन अब सब भगवान के ऊपर छोड़ दिया है. मैं इडस्ट्री के किसी बी इंसान से शादी नहीं करना चाहती हूं, खासतौर पर एक्टर से तो बिल्कुल नहीं. मैं एक्टर्स की असफल शादियां देख चुकी हूं."
बता दें कि टीना ने महज 5 साल की उम्र में ही एक्टिंग करियर की शुरुआत कर दी थी. सिस्टर निवेदिता सीरियल से उन्होंने अपने करियर का आगाज किया था. उतरन सीरियल से उन्हें घर-घर में पहचान मिली. अब वो सीरियल डायन में नजर आ रही हैं.
जुलाई 2017 को आधी रात से पूरे देश में चार दर (5,12,18,28 फीसदी) वाला जीएसटी लागू किया गया. लेकिन इसे लागू करने के बाद से लेकर अभी तक जीएसटी में दर्जनों बदलाव किए गए. कई बदलावों में अगर कारोबारी को रियायत देने की कवायद हुई तो कुछ बदलावों से आम आदमी पर बोझ को कम करने की कोशिश की गई. लेकिन इन कवायदों से क्या कारोबारी और आम आदमी को फायदा पहुंचा? इस सवाल पर सस्पेंस बरकरार है.
अंशुमान तिवारी का कहना है कि “जीएसटी में रियायतों के बाद उत्पादों या सेवाओं की कीमतें कम हुई भी हैं क्योंकि कंपनियां लागत बढऩे के कारण मूल्य बढ़ा रही हैं. जीएसटी के तहत मुनाफाखोरी रोकने वाला तंत्र अभी शुरू नहीं हुआ जिससे पता चले कि रियायतों का फायदा किसे मिला है.”
तिवारी ने कहा कि “जीएसटी में अभी औसतन 60 फीसदी कारोबारी रिटर्न भर रहे हैं. ई वे बिल लागू होने के बाद पारदर्शिता आने की उम्मीदें भी खेत रही हैं. चुनाव के मद्देजनर टैक्स चोरी पर सख्ती मुश्किल है. लिहाजा जीएसटी की प्रणालियां व नियम अभी तक स्थिर नहीं हैं. इसमें लगातार बदलाव हो रहे हैं.
बॉम्बे टाइम्स से एक बातचीत में टीना ने बताया, "मैं 5 साल तक एक अब्यूसिव रिलेशनशिप में रही. 2015 में मैंने इस रिलेशनशिप को खत्म किया." लंबे समय तक उत्पीडन पर चुप्पी को लेकर कहा, "इतने समय तक मैं इसलिए खामोश रही क्योंकि मैं किसी भी तरह रिश्ते को बना कर रखना चाहती थी. लेकिन जब मुझे लगा कि अब मैं ये रिश्ता आगे नहीं निभा पाउंगी तो मैंने इसे खत्म कर लिया.''
'"मैं बॉयफ्रेंड से एक कॉमन फ्रेंड जरिए मिली थीं. वो मुझे मारता था. वो मुझे अब्यूज करता था. उसने मुझे इतना परेशान किया कि मैंने मेरा कॉन्फिडेंस भी खो दिया. इतना ही नहीं उसने मुझे मेरे दोस्तों के सामने भी पीटा. मैं कभी भी अपने रिश्ते को पब्लिक नहीं करना चाहती थी. लेकिन मुझे लगा कि अब ये ही सही समय है बोलने का.''
एक्ट्रेस ने कहा, "अब मैं दोबारा किसी अफेयर में नहीं पड़ना चाहती. अब मैं सेटल डाउन होना चाहती हूं. मेरी हमेशा से ही लव मैरिज करने की इच्छा थी, लेकिन अब सब भगवान के ऊपर छोड़ दिया है. मैं इडस्ट्री के किसी बी इंसान से शादी नहीं करना चाहती हूं, खासतौर पर एक्टर से तो बिल्कुल नहीं. मैं एक्टर्स की असफल शादियां देख चुकी हूं."
बता दें कि टीना ने महज 5 साल की उम्र में ही एक्टिंग करियर की शुरुआत कर दी थी. सिस्टर निवेदिता सीरियल से उन्होंने अपने करियर का आगाज किया था. उतरन सीरियल से उन्हें घर-घर में पहचान मिली. अब वो सीरियल डायन में नजर आ रही हैं.
जुलाई 2017 को आधी रात से पूरे देश में चार दर (5,12,18,28 फीसदी) वाला जीएसटी लागू किया गया. लेकिन इसे लागू करने के बाद से लेकर अभी तक जीएसटी में दर्जनों बदलाव किए गए. कई बदलावों में अगर कारोबारी को रियायत देने की कवायद हुई तो कुछ बदलावों से आम आदमी पर बोझ को कम करने की कोशिश की गई. लेकिन इन कवायदों से क्या कारोबारी और आम आदमी को फायदा पहुंचा? इस सवाल पर सस्पेंस बरकरार है.
अंशुमान तिवारी का कहना है कि “जीएसटी में रियायतों के बाद उत्पादों या सेवाओं की कीमतें कम हुई भी हैं क्योंकि कंपनियां लागत बढऩे के कारण मूल्य बढ़ा रही हैं. जीएसटी के तहत मुनाफाखोरी रोकने वाला तंत्र अभी शुरू नहीं हुआ जिससे पता चले कि रियायतों का फायदा किसे मिला है.”
तिवारी ने कहा कि “जीएसटी में अभी औसतन 60 फीसदी कारोबारी रिटर्न भर रहे हैं. ई वे बिल लागू होने के बाद पारदर्शिता आने की उम्मीदें भी खेत रही हैं. चुनाव के मद्देजनर टैक्स चोरी पर सख्ती मुश्किल है. लिहाजा जीएसटी की प्रणालियां व नियम अभी तक स्थिर नहीं हैं. इसमें लगातार बदलाव हो रहे हैं.
Tuesday, November 27, 2018
दिल्ली पुलिस ने जिन्हें बताया आतंकी, निकले PAK स्टूडेंट- की प्रेस कॉन्फ्रेंस
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में जिन दो युवकों की तस्वीर जारी कर उन्हें संदिग्ध आतंकी बताया था पाक मीडिया ने उन्हें पाकिस्तानी छात्र बताया है. दिल्ली पुलिस ने दोनों के देश की राजधानी में घुसने की आशंका जताई थी. पाक मीडिया का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में जिन दो युवकों को आतंकी बताया है वो पाकिस्तानी स्टूडेंट हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने यह कन्फर्म किया है कि तस्वीर में दिख रहे दोनों छात्र तैय्यब और नदीम हैं. रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और पुलिस द्वारा की गई घोषणा के बाद पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि ये दोनों फैसलाबाद के छात्र हैं. इसके बाद सोमवार को दोनों छात्रों ने फैसलाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने अपने आतंकवादी होने के दावे को गलत ठहराते हुए कहा कि हम पाकिस्तान में मौजूद हैं और कभी भारत नहीं गए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि 11 नवंबर को रायविंड इज्तिमा के दौरान वो लाहौर गए थे और ये तस्वीर उस समय ली गई थी जब वो गंडा सिंह बॉर्डर पर थे. उन्होंने कहा कि वो नहीं जानते कि उनकी यह तस्वीर किसने सोशल मीडिया पर शेयर की जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ यह षड्यंत्र रचा. एक सवाल के जवाब में छात्रों ने कहा कि, 'अगर दुश्मन डर रहा है तो उसे डरने देते हैं'
मदरसे के मुखिया ने कहा कि तैय्यब और नदीम जामिया फैसलाबाद में तलीमत-ए-इस्लामिया के छात्र हैं और कभी भारत नहीं गए. उन्होंने कहा कि उनके छात्र किसी राजनीतिक दल और धार्मिक दल से जुड़े हुए नहीं हैं.
बता दें कि हाल ही में पुलिस ने दोनों की तस्वीर जारी की थी जिसमें दोनों युवकों ने कुर्ता पायजामा और सिर पर टोपी पहनी हुई है. तस्वीर में दोनों युवक एक माइलस्टोन के पत्थर पर टेक लेकर खड़े हैं जिसपर उर्दू में लिखा है दिल्ली 360 किलोमीटर और फिरोजपुर 9 किलोमीटर.
अपनी एडवाइजरी में पुलिस ने इन दोनों बारे में किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर पहाड़गंज पुलिस को सूचित करने की अपील की थी. पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में दो नंबर भी जारी किए थे-011-23520787 या 011-2352474, जिस पर इनके बारे में सूचना दी जा सके.
इस बीच सोमवार को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मिर्ची अटैक पर जमकर चर्चा हुई. दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन ने सदन में दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई और सदन पटल पर सरकारी संकल्प प्रस्ताव भी रखा.
इस मौके पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के मुख्यमंत्री को सुरक्षा नहीं दे सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
दानपात्र से मिला था कारतूस
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार इमरान ने खुलासा किया है कि वह करोल बाग में बावली वाली मस्जिद में बतौर मुअज्जिन (केयर टेकर) कार्यरत है. 2-3 महीने पहले उसे दानपात्र से यह कारतूस मिला था, और उसके भाई ने उसे यमुना नदी में फेंकने को कहा था, लेकिन उसने नहीं फेंका और अपने पर्स में रख लिया. फिलहाल पूरे प्रकरण पर जांच जारी है.
आरोपी इमरान हाईस्कूल पास है और वह दिल्ली के करोल बाग की एक मस्जिद में केयर टेकर है और उसका स्थायी पता गाजियाबाद में लोनी के पास चिरौल गांव का है. उसकी पत्नी आयशा और तीन बच्चे लोनी में ही रहते हैं.
पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री चेंबर के ठीक बाहर अनिल शर्मा नाम के एक शख्स ने मिर्ची पाउडर फेंकने की कोशिश की. 20 नवंबर को दोपहर बाद करीब 2 बजे अरविंद केजरीवाल पर तब हमला किया गया जब वह लंच करने जा रहे थे.
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने यह कन्फर्म किया है कि तस्वीर में दिख रहे दोनों छात्र तैय्यब और नदीम हैं. रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और पुलिस द्वारा की गई घोषणा के बाद पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि ये दोनों फैसलाबाद के छात्र हैं. इसके बाद सोमवार को दोनों छात्रों ने फैसलाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने अपने आतंकवादी होने के दावे को गलत ठहराते हुए कहा कि हम पाकिस्तान में मौजूद हैं और कभी भारत नहीं गए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि 11 नवंबर को रायविंड इज्तिमा के दौरान वो लाहौर गए थे और ये तस्वीर उस समय ली गई थी जब वो गंडा सिंह बॉर्डर पर थे. उन्होंने कहा कि वो नहीं जानते कि उनकी यह तस्वीर किसने सोशल मीडिया पर शेयर की जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ यह षड्यंत्र रचा. एक सवाल के जवाब में छात्रों ने कहा कि, 'अगर दुश्मन डर रहा है तो उसे डरने देते हैं'
मदरसे के मुखिया ने कहा कि तैय्यब और नदीम जामिया फैसलाबाद में तलीमत-ए-इस्लामिया के छात्र हैं और कभी भारत नहीं गए. उन्होंने कहा कि उनके छात्र किसी राजनीतिक दल और धार्मिक दल से जुड़े हुए नहीं हैं.
बता दें कि हाल ही में पुलिस ने दोनों की तस्वीर जारी की थी जिसमें दोनों युवकों ने कुर्ता पायजामा और सिर पर टोपी पहनी हुई है. तस्वीर में दोनों युवक एक माइलस्टोन के पत्थर पर टेक लेकर खड़े हैं जिसपर उर्दू में लिखा है दिल्ली 360 किलोमीटर और फिरोजपुर 9 किलोमीटर.
अपनी एडवाइजरी में पुलिस ने इन दोनों बारे में किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर पहाड़गंज पुलिस को सूचित करने की अपील की थी. पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में दो नंबर भी जारी किए थे-011-23520787 या 011-2352474, जिस पर इनके बारे में सूचना दी जा सके.
इस बीच सोमवार को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मिर्ची अटैक पर जमकर चर्चा हुई. दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन ने सदन में दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई और सदन पटल पर सरकारी संकल्प प्रस्ताव भी रखा.
इस मौके पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के मुख्यमंत्री को सुरक्षा नहीं दे सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
दानपात्र से मिला था कारतूस
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार इमरान ने खुलासा किया है कि वह करोल बाग में बावली वाली मस्जिद में बतौर मुअज्जिन (केयर टेकर) कार्यरत है. 2-3 महीने पहले उसे दानपात्र से यह कारतूस मिला था, और उसके भाई ने उसे यमुना नदी में फेंकने को कहा था, लेकिन उसने नहीं फेंका और अपने पर्स में रख लिया. फिलहाल पूरे प्रकरण पर जांच जारी है.
आरोपी इमरान हाईस्कूल पास है और वह दिल्ली के करोल बाग की एक मस्जिद में केयर टेकर है और उसका स्थायी पता गाजियाबाद में लोनी के पास चिरौल गांव का है. उसकी पत्नी आयशा और तीन बच्चे लोनी में ही रहते हैं.
पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री चेंबर के ठीक बाहर अनिल शर्मा नाम के एक शख्स ने मिर्ची पाउडर फेंकने की कोशिश की. 20 नवंबर को दोपहर बाद करीब 2 बजे अरविंद केजरीवाल पर तब हमला किया गया जब वह लंच करने जा रहे थे.
Tuesday, November 13, 2018
Honor स्मार्टफोन के नए आकर्षक ऑफर्स का लाभ उठाएँ,
त्योहारों का मौसम आते ही तरह- तरह के ऑफर्स और डिस्काउंट की झड़ी लग जाती है। इस साल भी कई ई-कॉमर्स वैबसाइट लुभावने ऑफर ग्राहकों के लिए ले कर आ रही हैं। हमेशा की तरह इस बार भी Amazon 'द ग्रेट इंडियन फेस्टिवल' के तहत स्मार्टफोन्स,गैजेट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फ़ैशन समेत कई अन्य प्रोडक्टस पर बंपर ऑफर्स दे रहा है। ग्राहक इन ऑफर्स का फ़ायदा 2नवंबर से 5 नवंबर तक उठा सकते हैं।
इस बार अपने धमाकेदार इलेक्ट्रोनिक ऑफर में Honor का बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन लाया है। इस ऑफर के अंतर्गत Honor 7C का 3GB RAM और 32GB स्टोरेज वाला वेरिएंट Amazon पर एक्सक्लूसिवली 8,499 रुपये की डिस्काउंटेड कीमत में मिल रहा है, जो मार्केट के प्राइस से 1500 रूपये कम है। वहीं Honor Play का 4GB RAM और 64GB स्टोरेज वाला वेरिएंट 17,999 की डिस्काउंटेड कीमत में मिल रहा है, जो मार्केट के प्राइस से 2000 रूपये कम है। Honor Play के 6 GB RAM और 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 23,999 है और इस पर 3000 तक का एक्सचेंज ऑफर है |
इस घोषणा पर Huawei कंज़्यूमर बिज़नस ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट, सेल्स, श्री पी संजीव ने दिवाली सेल में जबरदस्त प्रतिक्रिया देने के लिए सभी ग्राहकों का तहे दिल से धन्यवाद किया और साथ ही ये भी उम्मीद जताई कि इस बार भी Amazon और Honor Store के आकर्षक ऑफर्स में भी उतना ही उत्साह देखने को मिलेगा। उन्होनें बताया कि ग्राहक Amazon और Honor Store साइट पर जा कर कई आकर्षक ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं।
'फॉर द ब्रेव' टैगलाइन वाला Honor स्मार्टफोन Huawei ग्रुप के ई-ब्रांड के अंतर्गत आता है। Honor स्मार्टफोन को डिजिटली एक्टिव ग्राहकों के मुताबिक बनाया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य कंज्यूमर को एक बेहतर अनुभव प्रदान करने के साथ उनकी क्रिएटिविटी को बढ़ावा देना है। Honorफोन अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से विकसित किए जाते हैं ताकि यूजर्स को एक अनूठा अनुभव मिल सके। 2017 के इंटरनेशनल डाटा कॉरपोरेशन (आई डी सी) के मुताबिक, Honorने ऑनलाइन स्मार्टफोन बाजार को 2.5 बिलियन अमरीकी डालर के वैश्विक शिपमेंट वैल्यू दी है और इसके साथ ही ये नंबर1 ऑनलाइन स्मार्टफोन ब्रांड बनने के लिए कार्यरत है।
सर्दी की आहट के बावजूद थार के रेगिस्तान में बसे सरहदी बाड़मेर की राजनीति गरमाना शुरू हो गई है। भाजपा की पहली सूची जारी होने के साथ ही शह-मात का खेल भी शुरू हो गया है। बरसों तक बाड़मेर की राजनीति की धुरी बने रहने वाले स्वर्गीय गंगाराम चौधरी का परिवार अपना राजनीतिक अस्तित्व बरकरार रखने को बगावत की राह पर है।
बाड़मेर से भाजपा की तरफ से टिकट नहीं मिलने से उपेक्षित महसूस कर रहे इस कद्दावर किसान नेता की पोती डॉ. प्रियंका चौधरी ने यूआईटी चेयरपर्सन के पद से त्यागपत्र दे दिया है। बगावत के बाद अब यह परिवार ताल ठोक मैदान में उतरने की तैयारी में है। इसके लिए गंगाराम चौधरी के समर्थकों की बैठकों का दौर जारी है।
भाजपा की पहली सूची में वर्तमान सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया। पार्टी ने गत विधानसभा चुनाव हारने के पश्चात पांच साल से क्षेत्र में सक्रिय डॉ. प्रियंका को दरकिनार कर दिया। इसके बाद से गंगाराम चौधरी के समर्थक उनके घर पर एकत्र होना शुरू हो गए थे। देर रात और आज सुबह समर्थकों के साथ चली लंबी मंत्रणा के पश्चात डॉ. प्रियंका ने अपना त्यागपत्र भेज दिया।
अब ऐसा माना जा रहा है कि यह परिवार हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ जुड़ चुनाव मैदान मेंताल ठोक सकता है। अभी यह तय नहीं है कि बाड़मेर से डॉ. प्रियंका चुनाव लड़ेगी या उनके रिश्ते के भाई कृषि विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी दयाल सिंह। लेकिन इतना तय है कि दोनों में से एक सदस्य अवश्य बाड़मेर से चुनाव मैदान में उतरेगा।
गंगाराम चौधरी के परिवार की बगावत के बाड़मेर में भाजपा के लिए नया संकट खड़ा हो गया है। इस परिवार ने सीमावर्ती क्षेत्र में भाजपा की जड़े मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। नौ बार विधायक रहे गंगाराम चौधरी ने भैरोसिंह शेखावत के साथ जुगलबंदी कर यहां पार्टी की जड़ों को सिंचा था। मानवेन्द्र सिंह जसोल के पाला बदलने से भाजपा पहलेही राजपूतों की नाराजगी का सामना कर रही है। ऊपर से गंगाराम चौधरी के परिवार की नाराजगी उसे भारी पड़ेगी।
इस बार अपने धमाकेदार इलेक्ट्रोनिक ऑफर में Honor का बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन लाया है। इस ऑफर के अंतर्गत Honor 7C का 3GB RAM और 32GB स्टोरेज वाला वेरिएंट Amazon पर एक्सक्लूसिवली 8,499 रुपये की डिस्काउंटेड कीमत में मिल रहा है, जो मार्केट के प्राइस से 1500 रूपये कम है। वहीं Honor Play का 4GB RAM और 64GB स्टोरेज वाला वेरिएंट 17,999 की डिस्काउंटेड कीमत में मिल रहा है, जो मार्केट के प्राइस से 2000 रूपये कम है। Honor Play के 6 GB RAM और 64GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 23,999 है और इस पर 3000 तक का एक्सचेंज ऑफर है |
इस घोषणा पर Huawei कंज़्यूमर बिज़नस ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट, सेल्स, श्री पी संजीव ने दिवाली सेल में जबरदस्त प्रतिक्रिया देने के लिए सभी ग्राहकों का तहे दिल से धन्यवाद किया और साथ ही ये भी उम्मीद जताई कि इस बार भी Amazon और Honor Store के आकर्षक ऑफर्स में भी उतना ही उत्साह देखने को मिलेगा। उन्होनें बताया कि ग्राहक Amazon और Honor Store साइट पर जा कर कई आकर्षक ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं।
'फॉर द ब्रेव' टैगलाइन वाला Honor स्मार्टफोन Huawei ग्रुप के ई-ब्रांड के अंतर्गत आता है। Honor स्मार्टफोन को डिजिटली एक्टिव ग्राहकों के मुताबिक बनाया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य कंज्यूमर को एक बेहतर अनुभव प्रदान करने के साथ उनकी क्रिएटिविटी को बढ़ावा देना है। Honorफोन अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से विकसित किए जाते हैं ताकि यूजर्स को एक अनूठा अनुभव मिल सके। 2017 के इंटरनेशनल डाटा कॉरपोरेशन (आई डी सी) के मुताबिक, Honorने ऑनलाइन स्मार्टफोन बाजार को 2.5 बिलियन अमरीकी डालर के वैश्विक शिपमेंट वैल्यू दी है और इसके साथ ही ये नंबर1 ऑनलाइन स्मार्टफोन ब्रांड बनने के लिए कार्यरत है।
सर्दी की आहट के बावजूद थार के रेगिस्तान में बसे सरहदी बाड़मेर की राजनीति गरमाना शुरू हो गई है। भाजपा की पहली सूची जारी होने के साथ ही शह-मात का खेल भी शुरू हो गया है। बरसों तक बाड़मेर की राजनीति की धुरी बने रहने वाले स्वर्गीय गंगाराम चौधरी का परिवार अपना राजनीतिक अस्तित्व बरकरार रखने को बगावत की राह पर है।
बाड़मेर से भाजपा की तरफ से टिकट नहीं मिलने से उपेक्षित महसूस कर रहे इस कद्दावर किसान नेता की पोती डॉ. प्रियंका चौधरी ने यूआईटी चेयरपर्सन के पद से त्यागपत्र दे दिया है। बगावत के बाद अब यह परिवार ताल ठोक मैदान में उतरने की तैयारी में है। इसके लिए गंगाराम चौधरी के समर्थकों की बैठकों का दौर जारी है।
भाजपा की पहली सूची में वर्तमान सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया। पार्टी ने गत विधानसभा चुनाव हारने के पश्चात पांच साल से क्षेत्र में सक्रिय डॉ. प्रियंका को दरकिनार कर दिया। इसके बाद से गंगाराम चौधरी के समर्थक उनके घर पर एकत्र होना शुरू हो गए थे। देर रात और आज सुबह समर्थकों के साथ चली लंबी मंत्रणा के पश्चात डॉ. प्रियंका ने अपना त्यागपत्र भेज दिया।
अब ऐसा माना जा रहा है कि यह परिवार हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ जुड़ चुनाव मैदान मेंताल ठोक सकता है। अभी यह तय नहीं है कि बाड़मेर से डॉ. प्रियंका चुनाव लड़ेगी या उनके रिश्ते के भाई कृषि विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी दयाल सिंह। लेकिन इतना तय है कि दोनों में से एक सदस्य अवश्य बाड़मेर से चुनाव मैदान में उतरेगा।
गंगाराम चौधरी के परिवार की बगावत के बाड़मेर में भाजपा के लिए नया संकट खड़ा हो गया है। इस परिवार ने सीमावर्ती क्षेत्र में भाजपा की जड़े मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। नौ बार विधायक रहे गंगाराम चौधरी ने भैरोसिंह शेखावत के साथ जुगलबंदी कर यहां पार्टी की जड़ों को सिंचा था। मानवेन्द्र सिंह जसोल के पाला बदलने से भाजपा पहलेही राजपूतों की नाराजगी का सामना कर रही है। ऊपर से गंगाराम चौधरी के परिवार की नाराजगी उसे भारी पड़ेगी।
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